चेतावनी भजन

।। श्रीराधाकृष्ण चरणकमलेभ्यो नम: ।।



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मुक्ति का कोई तू जतन कर ले,
मन क्यों भरमाए, प्रभु का भजन कर ले।। मुक्ति...

भक्ति करेगा तो बड़ा ही सुख पाएगा,
भक्ति से आत्मा का मैल धूल जाएगा।। मन क्यों...

संगत कर अच्छे लोगों की ,
दवा मिल जाएगी सभी रोगों की,
जिंदगी को अपनी चमन कर ले -2 ।।मुक्ति...





गर्भे व्याधौ स्मशाने च पुराणे या मतिर्भवेत् ।
सा यदि स्थिरतां याति को न मुच्येत बन्धनात् ।।
( गरुड़ पुराण)
अनुवाद - चार जगह मनुष्य को अच्छे विचार आते हैं 
१ गर्भ में
२ बीमारी में
३ शमशान में और
४ भगवान् की कथा श्रवण करते समय
यदि ये विचार स्थिर और दृढ हों जाँय तो मानव भवबन्धन से मुक्त हो जाता ।


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